Home Actress Payal Rohatgi HD Instagram Photos and Wallpapers December 2020 Payal Rohatgi Instagram - बहुत सारे आत्म हत्या के cases सुनाई दिए जा रहे हैं जहाँ पर artists भी अपनी लाइफ़ से निराश होकर ये दुनिया को छोड़कर जा रहे है। ये बहुत ज़्यादा निराशाजनक बात है और इसके पीछे की सोच को समझना बहुत ज़रूरी है। मैं ये नहीं कह रही थी की २०२० साल बहुत सरल था, काफ़ी कठिन साल था जहाँ पर सबने करोना वायरस की वजह से कठिनाईयां face करी। परंतु ये लॉकडाउन भी कोई सबक़ सिखाने के लिए आया हमारी ज़िंदगी में। रही बात karma की तो jo लोग इस virus के पीछे हैं उन्हें उनके कर्मों का फल ज़रूर मिलेगा।मगर artist को frustrate होकर ये नहीं समझना चाहिए कि सब कुछ ख़त्म हो गया क्योंकि उसने ये साल काम नहीं किया। अगर ज़िंदगी आपके plan ke अनुसार चल रही है तो अच्छी बात है मगर अगर ज़िंदगी आपके plan के अनुसार नहीं चल रही तो ओर भी ज़्यादा अच्छी बात है क्योंकि वो ज़िंदगी भगवान के plan ke अनुसार चल रही है। और भगवान ही है जिसने हमें मनुष्य का जीवन दिया है तो इस जीवन को जीये। कोई भी हमें ये नहीं कह सकता के क्या criteria है सफलता का और क्या criteria है और असफलता का ???Leftgang के economist Kaushik Basu की सोच तो expose हो गई जहाँ पे वो किसानों ke bill को काला क़ानून कह कर अपनी की publicity चाह रहे हैं ।मगर ऐसे लोग एक निराशाजनक narrative फैलाकर लोगों को depressed करते हैं जिसकी वजह से उन लोगों को जीने की ख़्वाहिश नहीं रहती है। भारत ke नौजवानों को यही कहना है कि अगर भारत की अर्थव्यवस्था इतनी ख़राब है तो भारत का sensex कैसे बढ़ हो रहा है और अगर भारत ke sensex का कोई connection नहीं है भारत की अर्थव्यवस्था से तो आप लोग लॉकडाउन ke समय shares को सीखने का online course करे और धीरे धीरे intraday trading करके अपनी rozi roti कमाने का ज़रिया ढूंढें बढ़ते हुए sensex ke samay में। Yoga भी करना शुरू करे क्योंकि yoga करने से ऐसे hormones release होते हैं जो आपको jeevan जीने की ओर लेके जाते हैं ना कि jeevan से निराश होकर उसे ख़त्म करने की सोच को बढ़ावा देते हैं। yog भी sanatana dharm की प्रथा है जिसे अब west में log अपना रहे है इसलिए शायद भारतीय log भी उसे copy करके ख़ुद की ज़िंदगी को सुधार लें। यही कहना है सभी नौजवानों से के leftist के narrative से निराश होकर आत्महत्या करना बंद करिए 🙏 #payalrohatgi Thor Lake

Payal Rohatgi Instagram – बहुत सारे आत्म हत्या के cases सुनाई दिए जा रहे हैं जहाँ पर artists भी अपनी लाइफ़ से निराश होकर ये दुनिया को छोड़कर जा रहे है। ये बहुत ज़्यादा निराशाजनक बात है और इसके पीछे की सोच को समझना बहुत ज़रूरी है। मैं ये नहीं कह रही थी की २०२० साल बहुत सरल था, काफ़ी कठिन साल था जहाँ पर सबने करोना वायरस की वजह से कठिनाईयां face करी। परंतु ये लॉकडाउन भी कोई सबक़ सिखाने के लिए आया हमारी ज़िंदगी में। रही बात karma की तो jo लोग इस virus के पीछे हैं उन्हें उनके कर्मों का फल ज़रूर मिलेगा।मगर artist को frustrate होकर ये नहीं समझना चाहिए कि सब कुछ ख़त्म हो गया क्योंकि उसने ये साल काम नहीं किया। अगर ज़िंदगी आपके plan ke अनुसार चल रही है तो अच्छी बात है मगर अगर ज़िंदगी आपके plan के अनुसार नहीं चल रही तो ओर भी ज़्यादा अच्छी बात है क्योंकि वो ज़िंदगी भगवान के plan ke अनुसार चल रही है। और भगवान ही है जिसने हमें मनुष्य का जीवन दिया है तो इस जीवन को जीये। कोई भी हमें ये नहीं कह सकता के क्या criteria है सफलता का और क्या criteria है और असफलता का ???Leftgang के economist Kaushik Basu की सोच तो expose हो गई जहाँ पे वो किसानों ke bill को काला क़ानून कह कर अपनी की publicity चाह रहे हैं ।मगर ऐसे लोग एक निराशाजनक narrative फैलाकर लोगों को depressed करते हैं जिसकी वजह से उन लोगों को जीने की ख़्वाहिश नहीं रहती है। भारत ke नौजवानों को यही कहना है कि अगर भारत की अर्थव्यवस्था इतनी ख़राब है तो भारत का sensex कैसे बढ़ हो रहा है और अगर भारत ke sensex का कोई connection नहीं है भारत की अर्थव्यवस्था से तो आप लोग लॉकडाउन ke समय shares को सीखने का online course करे और धीरे धीरे intraday trading करके अपनी rozi roti कमाने का ज़रिया ढूंढें बढ़ते हुए sensex ke samay में। Yoga भी करना शुरू करे क्योंकि yoga करने से ऐसे hormones release होते हैं जो आपको jeevan जीने की ओर लेके जाते हैं ना कि jeevan से निराश होकर उसे ख़त्म करने की सोच को बढ़ावा देते हैं। yog भी sanatana dharm की प्रथा है जिसे अब west में log अपना रहे है इसलिए शायद भारतीय log भी उसे copy करके ख़ुद की ज़िंदगी को सुधार लें। यही कहना है सभी नौजवानों से के leftist के narrative से निराश होकर आत्महत्या करना बंद करिए 🙏 #payalrohatgi Thor Lake

Payal Rohatgi Instagram - बहुत सारे आत्म हत्या के cases सुनाई दिए जा रहे हैं जहाँ पर artists भी अपनी लाइफ़ से निराश होकर ये दुनिया को छोड़कर जा रहे है। ये बहुत ज़्यादा निराशाजनक बात है और इसके पीछे की सोच को समझना बहुत ज़रूरी है। मैं ये नहीं कह रही थी की २०२० साल बहुत सरल था, काफ़ी कठिन साल था जहाँ पर सबने करोना वायरस की वजह से कठिनाईयां face करी। परंतु ये लॉकडाउन भी कोई सबक़ सिखाने के लिए आया हमारी ज़िंदगी में। रही बात karma की तो jo लोग इस virus के पीछे हैं उन्हें उनके कर्मों का फल ज़रूर मिलेगा।मगर artist को frustrate होकर ये नहीं समझना चाहिए कि सब कुछ ख़त्म हो गया क्योंकि उसने ये साल काम नहीं किया। अगर ज़िंदगी आपके plan ke अनुसार चल रही है तो अच्छी बात है मगर अगर ज़िंदगी आपके plan के अनुसार नहीं चल रही तो ओर भी ज़्यादा अच्छी बात है क्योंकि वो ज़िंदगी भगवान के plan ke अनुसार चल रही है। और भगवान ही है जिसने हमें मनुष्य का जीवन दिया है तो इस जीवन को जीये। कोई भी हमें ये नहीं कह सकता के क्या criteria है सफलता का और क्या criteria है और असफलता का ???Leftgang के economist Kaushik Basu की सोच तो expose हो गई जहाँ पे वो किसानों ke bill को काला क़ानून कह कर अपनी की publicity चाह रहे हैं ।मगर ऐसे लोग एक निराशाजनक narrative फैलाकर लोगों को depressed करते हैं जिसकी वजह से उन लोगों को जीने की ख़्वाहिश नहीं रहती है। भारत ke नौजवानों को यही कहना है कि अगर भारत की अर्थव्यवस्था इतनी ख़राब है तो भारत का sensex कैसे बढ़ हो रहा है और अगर भारत ke sensex का कोई connection नहीं है भारत की अर्थव्यवस्था से तो आप लोग लॉकडाउन ke समय shares को सीखने का online course करे और धीरे धीरे intraday trading करके अपनी rozi roti कमाने का ज़रिया ढूंढें बढ़ते हुए sensex ke samay में। Yoga भी करना शुरू करे क्योंकि yoga करने से ऐसे hormones release होते हैं जो आपको jeevan जीने की ओर लेके जाते हैं ना कि jeevan से निराश होकर उसे ख़त्म करने की सोच को बढ़ावा देते हैं। yog भी sanatana dharm की प्रथा है जिसे अब west में log अपना रहे है इसलिए शायद भारतीय log भी उसे copy करके ख़ुद की ज़िंदगी को सुधार लें। यही कहना है सभी नौजवानों से के leftist के narrative से निराश होकर आत्महत्या करना बंद करिए 🙏 #payalrohatgi Thor Lake

Payal Rohatgi Instagram – बहुत सारे आत्म हत्या के cases सुनाई दिए जा रहे हैं जहाँ पर artists भी अपनी लाइफ़ से निराश होकर ये दुनिया को छोड़कर जा रहे है। ये बहुत ज़्यादा निराशाजनक बात है और इसके पीछे की सोच को समझना बहुत ज़रूरी है। मैं ये नहीं कह रही थी की २०२० साल बहुत सरल था, काफ़ी कठिन साल था जहाँ पर सबने करोना वायरस की वजह से कठिनाईयां face करी।

परंतु ये लॉकडाउन भी कोई सबक़ सिखाने के लिए आया हमारी ज़िंदगी में। रही बात karma की तो jo लोग इस virus के पीछे हैं उन्हें उनके कर्मों का फल ज़रूर मिलेगा।मगर artist को frustrate होकर ये नहीं समझना चाहिए कि सब कुछ ख़त्म हो गया क्योंकि उसने ये साल काम नहीं किया। अगर ज़िंदगी आपके plan ke अनुसार चल रही है तो अच्छी बात है मगर अगर ज़िंदगी आपके plan के अनुसार नहीं चल रही तो ओर भी ज़्यादा अच्छी बात है क्योंकि वो ज़िंदगी भगवान के plan ke अनुसार चल रही है। और भगवान ही है जिसने हमें मनुष्य का जीवन दिया है तो इस जीवन को जीये।

कोई भी हमें ये नहीं कह सकता के क्या criteria है सफलता का और क्या criteria है और असफलता का ???Leftgang के economist Kaushik Basu की सोच तो expose हो गई जहाँ पे वो किसानों ke bill को काला क़ानून कह कर अपनी की publicity चाह रहे हैं ।मगर ऐसे लोग एक निराशाजनक narrative फैलाकर लोगों को depressed करते हैं जिसकी वजह से उन लोगों को जीने की ख़्वाहिश नहीं रहती है। भारत ke नौजवानों को यही कहना है कि अगर भारत की अर्थव्यवस्था इतनी ख़राब है तो भारत का sensex कैसे बढ़ हो रहा है और अगर भारत ke sensex का कोई connection नहीं है भारत की अर्थव्यवस्था से तो आप लोग लॉकडाउन ke समय shares को सीखने का online course करे और धीरे धीरे intraday trading करके अपनी rozi roti कमाने का ज़रिया ढूंढें बढ़ते हुए sensex ke samay में।

Yoga भी करना शुरू करे क्योंकि yoga करने से ऐसे hormones release होते हैं जो आपको jeevan जीने की ओर लेके जाते हैं ना कि jeevan से निराश होकर उसे ख़त्म करने की सोच को बढ़ावा देते हैं। yog भी sanatana dharm की प्रथा है जिसे अब west में log अपना रहे है इसलिए शायद भारतीय log भी उसे copy करके ख़ुद की ज़िंदगी को सुधार लें। यही कहना है सभी नौजवानों से के leftist के narrative से निराश होकर आत्महत्या करना बंद करिए 🙏 #payalrohatgi Thor Lake | Posted on 14/Dec/2020 15:50:10

Payal Rohatgi Instagram – #DiljitDosanjh से कोई निजी दुश्मनी नहीं है इसलिए ये फिर से व्यक्त करते हुए कह रही हूँ क्योंकि वो Diljit किसानों का angle घूमा रहे हैं, किसानों ke bill का ऐंगल घूमा रहे हैं। 

क्या उन्होंने अभी तक नहीं किसानों का bill पढ़ा क्योंकि क्यों वो जानबूझ के एक नक्कली narrative को support कर रहे हैं ??? किसी को भी किसानों के pizza खाने से problem नहीं है। मगर हाँ kisaan जो असली किसान होते हैं वो ग़रीब होते हैं उनको अपनी rozi roti की चिंता होती है। और यही किसान चाहते थे सालो से कि यह क़ानून pass हो jo ऐतिहासिक क़ानून है। 

मोदी जी ने किसान के bill को pass करके, लोकतंत्र तरीक़े से, Lok Sabha और Rajya Sabha में, मैं भारतीय नागरिक होने के नाते जानना चाहती हूँ कि किसानों की ये protest को funding कहाँ से हो रही है ??? 
इतने आलीशान लंगर लगाने के पैसे कहाँ से आ रहे हैं ?? pizza से दिक़्क़त नहीं है मगर pizza बनवाने के पैसे कौन दे रहा है? massage chairs से problem नहीं है मगर massage chair के पीछे कौन है ये जानना ज़रूरी है क्योंकि Diljit को corporate से problem है🤨 

वो समझता है कि corporate ke आने से किसानों की ज़मीन छीनी जाएगी जो सरासर ग़लत खबर है🙏

और यह corporate तो bollywood में भी funding करते हैं और कई फ़िल्मों में जिनमें Diljit ने काम किया होगा वहाँ par कॉरपोरेट्स की funding होगी तो corporate bollywood में funding करे वो ठीक मगर corporate अगर खेती में funding करके किसानों का भला चाहे तो ग़लत ???? 

ये सोच तो एक Duffer की सोच हो सकती है क्योंकि अभी तक अगर Diljit ने किसानों का bill नहीं पढ़ा तो ये उसकी मूर्खता दर्शाता है और अगर bill पढ़ने ke बाद वो फिर भी अपने agenda को promote कर रहा है तो इतना ही कहना है कि 1 करोड़ का दान करके उसको tax में rebate तो मिल गई होगी और अच्छे आदमी का label भी मगर अच्छा आदमी वो है जो सही बात के साथ खड़े रहे थे ना के tax के rebate ke लिए किसानों का इस्तेमाल करे 🙏

#jaihind #payalrohatgi
Payal Rohatgi Instagram – Prashant Bhushan बुढ़ापे में सठिया गए हैं ऐसा महसूस होता है उनके tweet से क्योंकि वो किसानों को मोदीजी के ख़िलाफ़ भड़का रहे हैं ये कहके kisaan bill उनके ख़िलाफ़ है जबकि इतने बुज़ुर्ग है और उन्होंने ख़ुद अपनी आँखों से इतने सालों का kisaan आन्दोलन देखा होगा।उन्होंने अनगिनत kisaan आंदोलन देखे होंगे जो Bharath में हुए। मगर भारत में social media नहीं था पहले तो ये kisaan आंदोलन इस तरह से कैप्चर नहीं हुआ जिस तरह से ये pizza wale वीडियोज capture हुए हैं। 

तो Prashant Bhushan जो अपने आपको एक वरिष्ठ इन्सान और ज़िम्मेदार नागरिक समझते हैं उन्हें सिर्फ़ इतना कहना है कि Agriculture एक state का मुद्दा नहीं है बल्कि पूरे देश का मुद्दा है। जिस तरह से article 370 निकला लोकतंत्र तरीक़े से और kashmir को भारत का हिस्सा बनाया गया है। उसी तरीक़े से farmers का ये bill pass करके किसानों के फसल को पूरे desh में एक समानता मिली है। industry के सारे products को Bharat में एक समानता है तो फिर किसानों के फसल को भी पूरे Bharath में एक समानता मिलनी चाहिए। 

ये हैं शर्मनाक चेहरा एक वरिष्ठ bharatiya vakil का jo अभिव्यक्ति की आज़ादी में जानबूझकर FAKE NARRATIVE फैला रहा है 🙏 #payalrohatgi Honeymoon Point

Check out the latest gallery of Payal Rohatgi