Girija Oak Instagram – त्योहारों के मौसम में घर से दूर काम के बीच. अक्सर घर के त्योहार याद आते हैं. आंखों के सामने तैर जाती हैं वो सारी पुरानी यादें, जो गांव-घर के आंगन में बसी हैं. बाबा-आज़ी के किस्से, मम्मी की कहानियां. नानी का वो घर जो नानी के जाने के बाद नानी का घर नहीं रहता, मामा का घर हो जाता है. गांव घर के ऐसे ढ़ेरों किस्से जो शहर की भाग दौड़ के बीच कहीं पीछे छूट गए.
सुनिए सौरभ द्विवेदी और गिरिजा ओक के साथ ‘घर जैसी बातें.’
4 अक्टूबर | दोपहर 2 बजे,
लल्लनटॉप पर. | Posted on 03/Oct/2025 18:37:59



