Payal Rohatgi Instagram - आज मैं आपके साथ बात करना चाहती हूँ कि हमारे आदरणीय प्रधानमंत्री जब US जाते हैं या दूसरे देश जाते हैं तो वहाँ पर English भाषा का प्रयोग नहीं करते भाषण देने के लिए। वो Hindi में भाषण देते हैं वार्तालाप करते हैं और उसका translation होता है English में । ये बहुत ही ज़्यादा अजीब मुझे लगता है कि की Mahatma Gandhi अपने समय English में भाषण देते थे और ७० साल की स्वतंत्रता के बाद हमारे आदरणीय प्रधानमंत्री आज भी हिंदी भाषा का प्रयोग करते हैं जब अंतरराष्ट्रीय सफ़र करते हैं जबकि हिंदी भाषा बहुत सारे देशों में लोगों को समझ नहीं पड़ती।मेरे अनुसार उन्हें हिंदी भाषा के साथ अंग्रेज़ी भाषा का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय सफ़र में करना चाहिए। यह मैं इसलिए कह रही हूँ क्यूँकि भारत के विभिन्न राज्यों के अंदर विभिन्न मातृभाषा है और उन विभिन्न भाषाओं को सब भारतीय लोग नहीं जानते इसलिए भारत की एक राष्ट्रभाषा होनी चाहिए।भारत की एक राष्ट्रभाषा नहीं है जबकि हिंदी ज़्यादातर उत्तर भारत में प्रयोग होती है और अंग्रेज़ी दक्षिण भारत में प्रयोग ज़्यादातर प्रयोग होती है।तो जिस तरह से हम भारत में एक राष्ट्रभाषा चाहते है आसान communication के लिए उसी तरीक़े से विश्व में आसान communication के लिये अंग्रेज़ी भाषा का प्रयोग होता है।और उस अंग्रेज़ी भाषा में विश्व के सबसे बड़ा लोकतंत्र का प्रधान मंत्री भी भाषण दे सकते है 🙏 #payalrohatgi
आज मैं आपके साथ बात करना चाहती हूँ कि हमारे आदरणीय प्रधानमंत्री जब US जाते हैं या दूसरे देश जाते हैं तो वहाँ पर English भाषा का प्रयोग नहीं करते भाषण देने के लिए। वो Hindi में भाषण देते हैं वार्तालाप करते हैं और उसका translation होता है English में । ये बहुत ही ज़्यादा अजीब मुझे लगता है कि की Mahatma Gandhi अपने समय English में भाषण देते थे और ७० साल की स्वतंत्रता के बाद हमारे आदरणीय प्रधानमंत्री आज भी हिंदी भाषा का प्रयोग करते हैं जब अंतरराष्ट्रीय सफ़र करते हैं जबकि हिंदी भाषा बहुत सारे देशों में लोगों को समझ नहीं पड़ती।मेरे अनुसार उन्हें हिंदी भाषा के साथ अंग्रेज़ी भाषा का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय सफ़र में करना चाहिए। यह मैं इसलिए कह रही हूँ क्यूँकि भारत के विभिन्न राज्यों के अंदर विभिन्न मातृभाषा है और उन विभिन्न भाषाओं को सब भारतीय लोग नहीं जानते इसलिए भारत की एक राष्ट्रभाषा होनी चाहिए।भारत की एक राष्ट्रभाषा नहीं है जबकि हिंदी ज़्यादातर उत्तर भारत में प्रयोग होती है और अंग्रेज़ी दक्षिण भारत में प्रयोग ज़्यादातर प्रयोग होती है।तो जिस तरह से हम भारत में एक राष्ट्रभाषा चाहते है आसान communication के लिए उसी तरीक़े से विश्व में आसान communication के लिये अंग्रेज़ी भाषा का प्रयोग होता है।और उस अंग्रेज़ी भाषा में विश्व के सबसे बड़ा लोकतंत्र का प्रधान मंत्री भी भाषण दे सकते है 🙏 #payalrohatgi