Priyanka Pandit Instagram – प्रथमहिं सेवहु गुरु के चरन ,
जिन यह धर्म कह्यौ सब करन ।
नाम – प्रताप बताइयो ।।
जो श्री हरिवंश नाम अनुसरहु ,
निशिदिन गुरु को सेवन करहु ।
सकल समर्पन प्रान – धन ।।
गुरु – सेवा तजि करहिं जे बानि ,
यहै अधर्म यहै सब हानि ।
कानि न रसिकनि में रहै ।।
गुरु – गोविन्द न भेद कराइ ,
संतत सकल सुनहु चित लाइ ।
श्री हरिवंश – प्रताप जस ।।
भावार्थ – ( इस प्रकार पूर्व कथित रीति से ) सर्व प्रथम श्रीगुरु चरणों का सेवन करो जिन्होंने इस ( हित ) धर्म के पालन करने के लिये आज्ञा दी और जिन्होंने नाम का प्रताप बताया है । यदि तुम वास्तव में श्रीहरिवंश नाम का अनुसरण ( आश्रय ) कर रहे हो तो तुम्हें चाहिये कि अपने प्राण , धन और सर्वस्व के समर्पण पूर्वक दिन रात श्रीगुरुदेव का ही सेवन करो । जो लोग श्री गुरु – सेवा को छोड़कर अन्य साधनों में मन लगाते हैं , यही उनका अधर्म और बड़ी भारी हानि है । ऐसे हठशील अधर्मी की रसिकों में कोई प्रतिष्ठा या मर्यादा मान नहीं रह पाता । अतएव सच्चे उपासक का धर्म है कि वह श्री गुरुदेव एवं गोविन्द में कोई भेद न देखे न करे । श्रीसेवक जी कहते हैं- रसिको । आप निरन्तर चित्त लगाकर श्रीहरिवंश का प्रताप – यश सुनिये । पद – 3 श्रीहित नाम प्रताप
( तृतीय प्रकरण ) | Posted on 04/Jun/2024 10:25:57



